How to Apply PM SVANidhi Yojna
पी ऍम स्वनिधि योजना
यह ऋण आपको आसान किश्तों में पहली वार 10,000 रूपए दूसरी वॉर 20,000 रूपए और तीसरी वार 50,000 रूपए मुहैया करवाया जाता है, यह एक बहुत ही आसान प्रोसेस है जो की आपको अपने मुन्सिपल कारपोरेशन दुवारा लोर नमबर पे मिलता है !
प्रस्तावना:
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एक महत्वपूर्ण कदम है जिसका उद्देश्य छोटे व्यापारीयों और गली-मोहल्ले के व्यापारियों को वित्तीय सहारा प्रदान करना है।
- यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा शुरू की गई है और इसके माध्यम से लाखों छोटे व्यापारीयों को लोन की सुविधा मिलने का प्रयास किया जा रहा है ।
अधिक जानकारी के लिए पढ़िए हमारा आज का ब्लॉग इस विषय पर :-
- स्ट्रीट वेंडर शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक का प्रतिनिधित्व करते हैं और शहरवासियों के दरवाजे पर सस्ती दरों पर वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- इन्हें अलग-अलग क्षेत्रों/संदर्भों में विक्रेता, फेरीवाले, ठेलेवाला, रेहड़ीवाला, ठेलीपड़वाला आदि के रूप में जाना जाता है। उनके द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, कपड़ा, परिधान, जूते, कारीगर उत्पाद, किताबें / स्टेशनरी आदि शामिल हैं।
- सेवाओं में नाई की दुकानें, मोची, पान की दुकानें शामिल हैं।
- कपड़े धोने की सेवाएं आदि। COVID-19 महामारी और परिणामी लॉकडाउन ने सड़क विक्रेताओं की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
- वे आमतौर पर छोटे पूंजी आधार के साथ काम करते हैं और हो सकता है कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान उसी का उपभोग किया हो।
- इसलिए, सड़क विक्रेताओं को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने के लिए कार्यशील पूंजी के लिए ऋण प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता है।
यह योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है अर्थात निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित है
(i) 10,000 तक कार्यशील पूंजी ऋण की सुविधा प्रदान करना
(ii) नियमित पुनर्भुगतान को प्रोत्साहित करना
(iii) डिजिटल लेनदेन को पुरस्कृत करना
यह योजना उपरोक्त उद्देश्यों के साथ स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक बनाने में मदद करेगी और इस क्षेत्र के लिए आर्थिक सीढ़ी पर आगे बढ़ने के नए अवसर खोलेगी।
यह योजना केवल उन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है, जिन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग का विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत नियमों और योजना को अधिसूचित किया है। मेघालय के लाभार्थी, जिसका अपना राज्य स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम है, कर सकते हैं।यह योजना शहरी क्षेत्रों में वेंडिंग में लगे सभी स्ट्रीट वेंडरों के लिए उपलब्ध है।
(i) स्ट्रीट वेंडरों के पास शहरी द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाणपत्र/पहचान पत्र है स्थानीय निकाय (यूएलबी)
(ii) वे विक्रेता, जिनकी सर्वेक्षण में पहचान की गई है, लेकिन उन्हें वेंडिंग प्रमाणपत्र/पहचान पत्र जारी नहीं किया गया है; ऐसे विक्रेताओं के लिए आईटी आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से वेंडिंग का अनंतिम प्रमाणपत्र तैयार किया जाएगा। यूएलबी को ऐसे विक्रेताओं को तुरंत और एक महीने की अवधि के भीतर स्थायी वेंडिंग प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
(iv) आसपास के विकास/परि-शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेता यूएलबी की भौगोलिक सीमा में वेंडिंग करते हैं और उन्हें यूएलबी/टीवीसी द्वारा इस आशय का अनुशंसा पत्र (एलओआर) जारी किया गया है।
पात्र विक्रेताओं की पहचान निम्नलिखित मानदंडों के अनुसार की जाएगी:
(i) यह योजना को लॉकडाउन की अवधि के दौरान एकमुश्त सहायता प्रदान करने के लिए कुछ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा तैयार किया गया है।
(ii) LOR(एल ओ आर) आधारित जारी करने के लिए यू एल बी/टी वी सी पत्र आवश्यक है ।
(iii) नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएएसवीआई)/नेशनल हॉकर्स फेडरेशन (एनएचएफ)/स्व-रोजगार महिला संघ (एसईडब्ल्यूए) आदि सहित विक्रेता संघों के साथ सदस्यता।
(iv) विक्रेता के पास वेंडिंग के दावे को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ होने जरुरी है।
(v) स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) आदि को शामिल करते हुए यूएलबी/टीवीसी द्वारा की गई स्थानीय जांच की रिपोर्ट। यूएलबी आवेदन जमा करने के 15 दिनों के भीतर एलओआर का सत्यापन और जारी करने का काम पूरा करता है ।
जरुरी दस्तावेज :-
1. पहचान पत्र ।
2. रिहायश का पता ।
3. जन्म तारीख ।
4. L.O.R नंबर जो की मुन्सिपार्लटी के दफ्तर से इशू होता है ।
5. बैंक खाता ।
यह सब दस्तावेज दुवारा आप किसी भी CSC सेण्टर में जाकर आवदेन कर सकते है । आवदेन का शुल्क दुकानदार के ऊपर निर्भर रहता है, एप्लाइड फॉर्म्स को लेकर अपने मुन्सिपार्लटी के दफ्तर में जमा करना होगा और बैंक आपके अकाउंट को वेरीफाई करने के बाद आपका आवदेन स्वीकार कर लेगा और आपका ऋण का पैसा आपके खाते में आ जायेगा और आपकी मासिक किश्त आपके लोन के हिसाब से रहेगी ।
और इस तरह से आपका पूरा आवदेन प्रक्रिया समापत होती है ।
और अधिक जानकी के लिए आप हमारे जीमेल punjabidocuments1@gmail.com पर हमें मेल कर सकते है !
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आपका दिन शुभ रहे !
जय हिन्द जय भारत।

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